औज़ार
आपका नाम ब्रेल में
कोई भी नाम लिखिए और उसे भारती ब्रेल में देखिए — ख़ाने दर ख़ाना, हर ख़ाने की बिन्दु-संख्याओं के साथ।
आपका नाम यहाँ ब्रेल के ख़ानों में दिखेगा।
हिन्दी नाम के आगे कुछ नहीं लगता
देवनागरी में बड़े-छोटे अक्षर नहीं होते, इसलिए भारती ब्रेल में कोई बड़े अक्षर का चिह्न भी नहीं है। हिन्दी नाम सीधे शुरू होता है।
अंग्रेज़ी, स्पैनिश और पुर्तगाली ब्रेल में ऐसा नहीं है — वहाँ नाम से पहले एक चिह्न लगता है, यानी एक ख़ाना ऐसा जिसके सामने कोई छपा हुआ अक्षर नहीं।
| नाम | भारती ब्रेल | ख़ाने | अंग्रेज़ी ब्रेल में वही अक्षर |
|---|---|---|---|
| राम | ३ | Ram — ४ | |
| सीता | ४ | Sita — ५ | |
| अमन | ३ | Aman — ५ |
पर ख़ानों की गिनती अक्षरों की गिनती के बराबर हो, यह ज़रूरी नहीं। मात्रा अपना ख़ाना लेती है, हलन्त अपना, और नुक़्ता अपना — इसलिए "कृष्ण" जैसे नाम में ख़ाने अक्षरों से ज़्यादा होते हैं।
कृष्ण:
६ ख़ाने
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अनुवादक
देवनागरी लिखिए और उसे भारती ब्रेल में देखिए, बिन्दुओं समेत।
वर्णमाला
हर स्वर और हर व्यंजन, अपने ख़ाने और अपने पन्ने के साथ।
मात्राएँ
स्वर और उसकी मात्रा एक ही ख़ाना हैं — फिर पढ़ने वाला उन्हें अलग कैसे करता है।
हलन्त और संयुक्ताक्षर
छपाई में हलन्त बाद में आता है, ब्रेल में पहले। यही सबसे बड़ा फ़र्क़ है।
नुक़्ता
क़, ज़, फ़ — और वह बदलाव जो जनवरी २०२६ में आया।
अंक
एक चिह्न, और पहले दस अक्षर अंक बन जाते हैं।