वाक्यांश
ब्रेल में नमस्ते
नमस्ते — भारती ब्रेल, ग्रेड १, ६ ख़ानों में।
नमस्ते
६ वर्ण, ६ ख़ाने।
इस वाक्यांश के बारे में
सबसे ज़्यादा माँगी जाने वाली। और यही सबसे साफ़ उदाहरण भी है कि हलन्त अपनी जगह बदलता है: छपाई में "स्" में पहले स आता है फिर हलन्त, पर ब्रेल में हलन्त का ख़ाना — बिन्दु ४ — स से पहले लिखा जाता है। अक्षर और ख़ाने गिनती में बराबर हैं, पर क्रम बराबर नहीं।
वर्ण दर वर्ण
| वर्ण | ख़ाने | बिन्दु |
|---|---|---|
| न | 1-3-4-5 | |
| म | 1-3-4 | |
| स | 2-3-4 | |
| ् | 4 | |
| त | 2-3-4-5 | |
| े | 1-5 |
ऊपर हर वर्ण अलग-अलग है, पर ब्रेल में उनका क्रम वही नहीं रहता जहाँ हलन्त आता है — वह अपने व्यंजन से पहले लिखा जाता है। पूरे वाक्यांश की सही तरतीब सबसे ऊपर वाली पंक्ति में है। नियम यहाँ है।
यही ख़ाने दूसरी संहिता में कुछ और हैं
ये ख़ाने भारती ब्रेल के हैं। इन्हें अंग्रेज़ी ब्रेल की तालिका से पढ़ा जाए तो बेमतलब लैटिन अक्षर निकलेंगे, क्योंकि एक ही ख़ाना हर संहिता में अलग अक्षर है। अगर आपके पास जो ब्रेल है वह अंग्रेज़ी स्रोत से आया है तो अंग्रेज़ी डिकोडर चाहिए, और अगर हिन्दी से तो हिन्दी वाला।
यही बात, दूसरी संहिताओं में
इनमें से हर एक वह है जो उस भाषा में ठीक उसी मौक़े पर कहा जाता है — हिन्दी का अनुवाद नहीं, बल्कि वह वाक्यांश जो उस भाषा की अपनी सूची में पहले से था। ख़ानों की गिनती हर संहिता के अपने इंजन से आई है।
नमस्ते का चित्र
वाक्यांश ६ ख़ानों में — किसी पर्ची, स्लाइड या अभ्यास-पत्र के लिए।
