व्यंजन
ब्रेल में क
क का ख़ाना एक ख़ाना है — बिन्दु १ और ३।
बिन्दु १ और ३
यूनिकोड ⠅ — U+2805
क वह अक्षर है जो एक संयुक्ताक्षर के भीतर ग़ायब हो जाता है
क्ष छपाई में क + हलन्त + ष है, पर ब्रेल में वह एक ही ख़ाना है — बिन्दु १-२-३-४-५। यानी क्षमा जैसे शब्द में क का यह अपना ख़ाना आता ही नहीं।
भारती में ऐसा सिर्फ़ दो संयुक्ताक्षरों के साथ होता है, क्ष और ज्ञ के साथ। बाक़ी हर संयुक्ताक्षर — क्क, क्त, क्र — वर्तनी के हिसाब से हलन्त लगाकर लिखा जाता है, और वहाँ क अपने ख़ाने में लौट आता है।
क के बारे में जो नापा जा सकता है
जिन ५,००० सबसे प्रचलित हिन्दी शब्दों पर यह साइट अपने अनुवादक को मापती है, उनमें से १,०४५ शब्दों में क आता है।
यही ख़ाना — बिन्दु १ और ३ — अंग्रेज़ी ब्रेल का k, स्पेनिश ब्रेल का k, पुर्तगाली ब्रेल का k, अरबी ब्रेल का ك भी है।
क का महाप्राण ख है। ब्रेल में क बिन्दु १ और ३ है और ख बिन्दु ४ और ६ — दोनों में एक भी बिन्दु साझा नहीं। ख का पन्ना
क पर नुक़्ता लग सकता है। नुक़्ते का अपना ख़ाना है — बिन्दु ५ — और वह अक्षर से पहले लिखा जाता है, बाद में नहीं। नुक़्ते का पूरा नियम यहाँ है।
क से शब्द
| शब्द | ब्रेल | ख़ाने |
|---|---|---|
| कर | २ | |
| कम | २ | |
| काम | ३ |
क का चित्र
क का ख़ाना, किसी पर्ची या स्लाइड के लिए।
